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ई-रूपी क्या है और कैसे काम करता है? user के लिए फायदे

ई-रूपी E-RUPI एक कैश और कॉन्टैक्ट लैस पेमेंट मोड है ! कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस डिजिटल पेमेंट सर्विस होगी ! यह डिजिटल टोकन के रूप में होगा और पारंपरिक रुपये की तरह एक लीगल टेंडर होगा।इसकी कीमत रुपये के बराबर इसका मतलब यह केवल एक, दो, पांच, 10, 20, 50, 100, 500 और 2,000 रुपये के मूल्यों में उपलब्ध होगा !

E-RUPI को कब लॉंच किया जाएगा?

डिजिटल करेंसी ई-रुपी  का 1 दिसंबर 2022 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया जा चुका है !

क्या ई-रुपी और क्रिप्टोकरेंसी एक हैं?

RBI का ई-रुपी क्रिप्टोकरेंसी से कई मायनों में अलग होगा। क्रिप्टोकरेंसी डीसेंट्रलाइज्ड होती है ! और लीगल टेंडर नहीं मानी जाती।क्रिप्टोकरेंसी की कीमत बहुत अस्थिर होती है ! जबकि ई-रुपी को स्थिरता और सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है।

RBI का कहना है ! कि क्रिप्टो का प्रसार मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियों को फंडिंग के खतरे को बढ़ाता है औरइसमें कालेधन का बड़े पैमाने पर निवेश होता है। ई-रुपी इन सभी मामलों में सुरक्षित होगा !

ई-रूपी किसके द्वारा developed किया गया है?

ई-रूपी को National Payment Corporation of India (NPCI) द्वारा इसके UPI प्लेटफार्म पर develop किया गया है. इसे develop करने में Department of Financial ServicesMinistry of Health and Family Welfare और National Health Authority से सहयोग लिया गया है !

ई-रुपी  कैसे काम करता है?

एक तरह का Cashless और Contactless डिजिटल पेमेंट सिस्टम है, जो Beneficiaries के फोन पर SMS S या Qr Code के रूप में प्राप्त होगा। यह Prepaid Voucher की तरह ही होता है ! इसे किसी विशिष्ट केंद्र पर जहाँ यह स्वीकार किया जाएगा ! वहां Redeem करवाया जा सकता है ! वो भी किसी इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट – क्रेडिट कार्ड और मोबाइल App के बिना।

आखिर e-RUPI की जरूरत क्यों पड़ी?

आबादी के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है जहाँ अरबों की संख्या में लोग रहते हैं. ऐसे में हमारे देश में हजारों परिवार ऐसे हैं जिन्हें सरकार द्वारा जारी की गई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है.

देश में भ्रष्टाचार इस कदर फैला है कि सरकार द्वारा जरूरतमंदों के लिए जारी की गई धनराशि को मध्यस्थ में मौजूद लोगों और मंत्रियों द्वारा अपने हिस्सों में बाँट ली जाती है और लोग सरकारी मदद से अछूते रह जाते हैं. लेकिन सरकार ने e-RUPI के रूप में इसका इलाज ढूंढ लिया है, जिसके आने के बाद सरकार की सहायता और लोगों के बीच किसी तीसरे के सेंध करने की गुंजाइश बिल्कुल खत्म हो जाएगी. इसका सबसे अधिक फायदा उन गरीब लोगों को होगा जिन्हें सस्ते दामों में अनाज और दवाइयां उपलब्ध करवाने में दिक्कत हो रही थी

ई-रूपी की सुविधा लोगों को कैसे मिलेगी?

ई-रूपी को UPI platform पर तैयार किया गया है ! NPCI ने इसमें देश के कई बैंकों को जोड़ा है ! जो स्वंय का ई- voucher जारी कर सकेंगे. ये bank अपने e-voucher को खुद के UPI प्लेटफार्म पर जारी करेंगे !

कोई भी सरकारी एजेंसी, निगम या corporate जो e-RUPI वितरित करना चाहते हैं ! को अपने साझेदार bank से संपर्क करना होगा और उन लोगों और जिस उद्देश्य के लिए भुगतान किया जा रहा है ! उसका पूरा विवरण देना होगा.लाभार्थियों की पहचान के लिए मोबाइल नंबर देना होगा, तभी SMS और QR code प्राप्त होगा ! बैंक द्वारा लाभार्थियों के नाम पर वाउचर आवंटित किए जाएंगे !

ई-रूपी स्वीकार करने वाले बैंक

  • HDFC Bank
  • Punjab National Bank
  • State Bank of India
  • Axis Bank
  • Canara Bank
  • IndusInd Bank
  • ICICI Bank
  • Bank of Baroda

ई-रूपी के फायदे कुछ अलग स्तर पर

अस्पतालों के लिए फायदे

  • यह काफी आसान और सुरक्षित है. क्योंकि वाउचर लाभार्थी द्वारा शेयर किए गए verification code से अधिकृत है.
  • इसके लिए किसी भी तरह के card या cash रखने की जरूरत नहीं होती. जो इसे परेशानी मुक्त और संपर्क रहित भुगतान प्रणाली बनाता है.
  • यह एक तुरंत भुगतान प्रक्रिया है जहाँ भुगतान करने में देर नहीं होती.

user के लिए फायदे

  • इस वाउचर के प्रिंट आउट को साथ रखने की जरूरत नहीं है.
  • यह एक आसान 2 step redemption process है, जिसके जरिए भुगतान करना बहुत आसान है.
  • लाभार्थी को अपनी personal जानकारी शेयर करने की जरुरत नहीं है. इसलिए उनकी गोपनीयता बरकरार रहती है.
  • इसके लिए किसी भी तरह के डिजिटल पेमेंट ऐप या बैंक खाता होना जरूरी नहीं है.

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